रामायण Lyrics – Ramayan Chaupai Lyrics

Ramayan is one of the rarest tales of Hindu History, Today I will share Ramayan Song Lyrics alongside a few Ramayan Chaupai Lyrics used as mantras for different situations in our lives.

अगर आप भारतीय है या हिन्दू है तो रामायण से आप जरूर जुड़े हुए है। राजा राम और माता सीता का प्रेम साथ मे भाई लक्ष्मण और भारत का बंधु प्रेम और सबसे अनूठे प्यारे हनुमान जी की अटूट भक्ति का सार सब है इस रामायण Lyrics में।

मंगल भवन अमंगल हारी PDF रामायण Lyrics PDF Download

मंगल भवन अमंगल हारी – रामायण Lyrics:

रामायण अगर अपने देखि है तो मंगल भवन अमंगल हारी जरूर सुनी होगी, यह ऐसा गाना है जो रामायण के सबसे कठिन काल को दर्शाता है जब प्रभु श्री राम को वनवास को जाना पड़ा था।

हो, मंगल भवन, अमंगल हारी
द्रबहु सु दसरथ, अजिर बिहारी

आ, राम भगत हित नर्तन धारी
सहे संकट किये साधो सुखारी

(राम सिया राम, सिया राम जय-जय राम)

हो, होइहैं सोई जो, राम रचि राखा
को करि तरक, बढ़ावई साखा

आ, जेहि के जेहि पर सत्य सनेहु
सो तेहि मिलही न कछु सन्देहु

ओ, सिया-राम मय सब जग जानी
करहूँ त नाम जोरि जुग पानी

(राम सिया राम, सिया राम जय-जय राम)

आ, दीन-दयाल विरद सँभारी
हरहूँ नाथ मम संटक भारी

(राम सिया राम, सिया राम जय-जय राम)

तुलसी अपने राम को, रीझ भजो के खीज
उलटो-सुधो भूगिहे, खेत परे को बीज

ओ, राम नाम करि अवित प्रभावा
वेद, पुरान, उपनिषद् गावा

(राम सिया राम, सिया राम जय-जय राम)

आ, जनम-जनम मुनि जतन कराहि
अंत राम कहि आवत नाहि

सीता श्रद्धा देश दी, राम अटल विश्वास
रामायण तुलसी रचित, हम तुलसी के दास

ओ, हरि अनन…
हरि अनन…

हरि अनंत, हरि-हरि अनंत, हरि कथा अनंता
कहहिं-सुनहिं बहुविधि सब संता

राम सिया राम, सिया राम, जय-जय राम
(राम सिया राम, सिया राम, जय-जय राम)
राम सिया राम, सिया राम, जय-जय राम
(राम सिया राम, सिया राम, जय-जय राम)

रामायण की सर्वश्रेष्ठ चौपाई अर्थ के साथ – Ramayan Chaupai With meaning

जीवन के हर कठिन समय से आपको निकालने के लिए रामायण से चुनी कुछ दुर्लभ चौपाई अर्थ के साथ साझा कर रही हु, अगर आप को पसंद आए तो जरूर शेयर करे। जय श्री राम ।

अपनी मनोकामना पूर्ण करने हेतु रामायण चौपाई:

कवन सो काज कठिन जग माही।
जो नहीं होइ तात तुम पाहीं।।

दैनिक आजीविका वृद्धि हेतु रामायण चौपाई:

बिस्व भरन पोषन कर जोई।
ताकर नाम भरत असहोई।।

भय और शत्रु नाशक रामायण चौपाई:

बयरू न कर काहू सन कोई।
रामप्रताप विषमता खोई।।

संशय तथा भूल को दूर करने हेतु रामायण चौपाई:

रामकथा सुन्दर कर तारी।
संशय बिहग उड़व निहारी।।

अकेलेपण से भय लगने पर रामायण चौपाई

मामभिरक्षय रघुकुल नायक।
धृतवर चाप रुचिर कर सायक।।

प्रभु श्री राम जी की शरण लेने हेतु रामायण चौपाई

सुनि प्रभु वचन हरष हनुमाना।
सरनागत बच्छल भगवाना।।

परिवार पर विपत्ति नाशक रामायण चौपाई:

राजीव नयन धरें धनु सायक।
भगत बिपति भंजन सुखदायक।।

रोग व उपद्रव से शांति हेतु रामायण चौपाई:

दैहिक दैविक भौतिक तापा।
राम राज नहिं काहुहिं ब्यापा।।

विवाह करने हेतु रामायण चौपाई:

तब जनक पाइ बसिष्ठ आयसु ब्याह साज संवारि कै।
मांडवी श्रुतिकीरित उरमिला कुंअरि लई हंकारि कै।।

खोई ह्यू चीज को पाने के लिए रामायण चौपाई:

गई बहोर गरीब नेवाजू।
सरल सबल साहिब रधुराजू।।

सुख संपत्ति के आशीर्वाद हेतु रामायण चौपाई:

‘जे सकाम नर सुनहिं जे गावहिं।
सुख संपत्ति नानाविधि पावहिं।।

सफल यात्रा को सुखद बनने हेतु रामायण चौपाई

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा।
हृदयं राखि कोशलपुर राजा॥

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